Archive for February, 2010
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Feb 9th
एक मित्र है डा. ज्ञान पाठक, पेशे से पत्रकार और समझ से दार्शनिक एवं डा. की उपाधि चिकित्सक वाली नही वरन डाक्ट्रेट वाली है. अब इन तीनो चीजों (पत्रकारिता, डाक्ट्रेट और दर्शनशास्त्र) का संगम होगा तो सब कुछ अलग हट कर ही होगा. सो इनका दर्शन भी हट कर है.
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ये मेरी विडम्बना नहीं, की बुद्ध को मोक्ष क्यों मिला
Feb 6th
एक जानकार हैं नवीन. तकनीकी ज्ञान में काफी आगे हैं, यह तो पता था. मोबाइल मंत्रा नाम की एक कंपनी के कर्ता-धर्ता हैं. आध्यात्मिकता के क्षेत्र में भी बडी उँची चीज है, लेकिन यह कुछ दिनों पहले ही पता चला. यह भी पता चला कि समय समय पर Life transformation workshop More >

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