दिल्ली पुलिस का कहना माने – Cyber Fraud के शिकार न बनें
हाल ही मे दिल्ली पुलिस द्वारा जनहित मे जारी एक विज्ञापन एक अखबार में देखा। मै ज्यादा कुछ नही बोलुंगा। आप भी पढे क्या लिखा था इस विज्ञापन मे:
- अक्षरों और अंकों को मिलाकर एक ऐसा पासवर्ड बनाएं जिसका अंदाजा लगाना असंभव हो तथा किसी अन्य को ना बताएं। पासवर्ड को नियमित रूप से बदलते रहें। (अब कोई इन्हे बताये कि पासवर्ड बनाने के लिये अक्षरों और अंको के साथ विशिष्ट चिन्हो जैसे $ % # @ * ! का भी प्रयोग करना चाहिये।)
- अपने कम्प्यूटर की सुरक्षा के लिए कुछ नवीनतम सुरक्षा साधनों क प्रयोग करें। (कौन से साधन भाई, एक आध का नाम तो बता देते, जैसे एंटी वायरस, एंटी स्पैम आदि आदि। )
- स्पैम मेल का जवाब नही दें। (जनाब जरा फिशिंग मेल के बारे में भी जिक्र कर देतें।)
- कम्प्यूटर पर व्यक्तिगत, संवेदनशील तथा वित्तीय जानकारी रखने से बचें ।
- किसी भी व्यक्ति को गैर कानूनी तरीके से अपने बैंक खाते से धनराशि प्राप्त करने / निकालने की अनुमति ना दें। (क्या ये साइबर धोखाधडी की श्रेणी मे आता है?? मुझे तो लगता है कि ये धारा 420 का मामला है या फिर इसमे से आनलाइन शब्द रह गया।)
- ऐसे ई-मेल के जवाब में पैसे जमा न करें और न ही दें। (कैसे ई-मेल साहब, कोई नमुना वगैरह मिल जाता या खुद आपको नही पता को जिस तरह के ई-मेल फ्राँड की आप बात कर रहे है, वह साइबर दुनिया में fraud 419 के नाम से जाने जाते है।)
- किसी भी आँफर की विश्वसनीयता के लिए इंटरनेट पर खोज द्वारा और संबंधित कंपनी / संस्थान से पूछ कर इसकी जांच करें।
- धनराशि संबंधी मामलों पर भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों को देखें। (धनराशि से संबंधित मामलो पर एक राय तो आप उपर दे ही चुके हैं)
- सुनिश्चित करें कि आपका क्रेडिट कार्ड आपकी आंखो के सामने ही इस्तेमाल किया जाए। अपने क्रेडिट कार्ड के विवरण को नियमित रूप से जाँच करते रहें। अपने बैंक से कहें कि आपके क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले प्रत्येक लेन-देन के बारे में आपके मोबाइल पर एलर्ट संदेश भेजें। (अब इतनी सलाह तो क्रेडिट कार्ड कंपनी भी अपने ग्राहको को देती है। अगर आप यह बता देते कि कार्ड रीड करने की नकली मशीन को कैसे पहचाना जाये तो उत्तम होता।)
- वित्तीय लेन-देन के लिए केवल सुरक्षित सर्वर का उपयोग करें जैसे https| (सर जी, ये क्या बला है? https के बदले अगर आप वैध SSL प्रमाण पत्र पहचानने के बारे में जानकारी दे देते तो शायद कुछ ज्यादा अच्छा रहता।)
- अपने कम्प्यूटर पर एंटी वायरस / फायर वाँल इस्तेमाल करें। (ये तो एकदम शुरुआत मे बता देना था ना, एंटी स्पैम, एंटी फिशिंग, एंटी स्पाईवेयर और एटी मेलवेयर की जानकारी के साथ।)
इतने के बाद अब मेरे पास कहने के लिये कुछ नही बचा। अगर आपके पास हो तो रूकियेगा नही, बताइयेगा जरूर।
| Print article | This entry was posted by ajay on June 11, 2009 at 19:54, and is filed under All from Mind. Follow any responses to this post through RSS 2.0. You can leave a response or trackback from your own site. |


about 2 years ago
दिल्ली पुलिस और आप का धन्यवाद
about 2 years ago
very good analysis thanks!!!
about 2 years ago
आपने तो दिल्ली पुलिस के विज्ञापन को बे-मतलब साबित कर दिया।