पिया के दर्श की आस में बैचेन ये नयन। इन नैनों में बसी तस्वीर तुम्हारी।। पिया से मिलन की आस में बैचेन ये दिल। इस दिल में बसी हर धड़कन तुम्हारी।। पिया से गुफ्तगू की आस में बैचेन ये लब। इन लबों पर सरसराता हर लफ़्ज़ तुम्हारा।। पिया रे पिया, ओ मेरे पिया। मैं भी तुम्हारा, मेरा वजूद भी तुम्हारा।।
पिया
