अहा जिंदगी!!! [Wow Life!!!!]

Life is full of OOHs, AAHs, WOWs, and HMMs. Every minute in life is a lesson to learn. This personal site is collection of such experiences.

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मेरी तन्हाई भी कभी तन्हा नही आई

कभी उनकी खुशबु तो कभी उनकी यादें समेट लाई। मेरे पास तो मेरी तन्हाई भी कभी तन्हा नही आई॥ रात भर मेरे बिस्तर पर बारिश होती रही, तकिया भीगता रहा। मै अपनी तन्हाई को आगोश में समेटे लेटा रहा॥ सहमी… Continue Reading →

तन्हाई

जब तन्हाई होती है तो उनकी याद आती है! लेकिन कम्बख्त ये तन्हाई, आती ही नही, आती है तो बस उनकी यादें!!

दीवानगी में patience

आजकल फेसबुक (या फंसेबुक) से वास्ता काफी कम हो गया है. होली – दीवाली ही इस बुक को खोलना होता है. ऐसे ही आज खोला तो एक जानकार ने अपनी भावनाओ को कुछ इस तरह से व्यक्त किया हुआ था:… Continue Reading →

अपना दुःख, इनका दुःख

तेरह साल की एक बच्ची जिसको कैंसर की दवाई दी गयी. कैंसर तो पुरी तरह ठीक नही हुआ, उल्टा कुल्हे की हड्डीयाँ गल गयी. बढती उम्र की वजह से उसका कुल्हा भी नही बदला जा सकता. पैंतीस वर्षीया एक तलाकशुदा… Continue Reading →

तीन वाला दस में… तीन वाला दस में… यानी Black Marketing

जब मैने क, ख, ग पढ़्ना-लिखना सीखा तब से लेकर मैट्रिक पास करने तक जिस गुरू ने मेरा मार्गदर्शन किया, उस गुरू के पुत्र यानी मेरे गुरू भाई (यह बात अलग है कि वो मुझे अंकल बोलता है, शायद उम्र… Continue Reading →

रोमांस चॉद और पृथ्वी का…

जापान में Earthquake और सुनामी से हुए ह्र्दय विदारक तांडव के समाचार ने पल भर के लिए सभी के दिल और दिमाग को सुन्न कर दिया. एक्दम से आँखों के सामने 26 दिसम्बर 2004 का वाक्या आ गया. हालॉकि जापान… Continue Reading →

मल्लिका शेरावत Bankrupt हो रही है

शनिवार का दिन कुछ फुर्सत भरा रहता है. अत: ट्विटर और फेसबुक (या फंसेबुक) पर कुछ ज्यादा समय बिता लेता हुँ. इस विश्व व्यापी संजाल पर कुछ नया ढुंढने की कोशिश करता रहता हुँ. आज इसी तरह संजाल भ्रमण करते… Continue Reading →

और मैने complaint कर ही दी

“लालच बुरी बला है”, ऐसा कई बार सुना है. आपने भी सुना होगा. फिर भी कुछ लोग लालचवश अपना तो अपना, दुसरों का भी नुकसान कर बैठते हैं. 8-अक्टुबर को किसी कारणवश रांची जाना पडा. 9-अक्टुबर को सुबह रांची पहुँचा…. Continue Reading →

Facebook या फंसेबुक

एक मित्र है डा. ज्ञान पाठक, पेशे से पत्रकार और समझ से दार्शनिक एवं  डा. की उपाधि चिकित्सक वाली नही वरन डाक्ट्रेट वाली है. अब इन तीनो चीजों (पत्रकारिता, डाक्ट्रेट और दर्शनशास्त्र) का संगम होगा तो सब कुछ अलग हट… Continue Reading →

ये मेरी विडम्बना नहीं, की बुद्ध को मोक्ष क्यों मिला

एक जानकार हैं नवीन. तकनीकी ज्ञान में काफी आगे हैं, यह तो पता था. मोबाइल मंत्रा नाम की एक कंपनी के कर्ता-धर्ता हैं. आध्यात्मिकता के क्षेत्र में भी बडी उँची चीज है, लेकिन यह कुछ दिनों पहले ही पता चला…. Continue Reading →

Google बाबा हिन्दी में फिसड्डी

आज इंटरनेट से जुडा हर व्यक्ति किसी ना किसी रूप में गूगल की सेवायें लेता है, चाहे Gmail के रूप में या Google Search के रूप में या फिर Google Adsense के रूप में. यों तो Google का लगभग हर… Continue Reading →

क्षमा वीरस्य भूषणम

छोटा सा यह संसार, गलती हो जाती है कई बार। कर लो स्वीकार, करते हैं क्षमा याचना बार-बार॥ जान कर या अनजाने मे, मन से, वचन से या कार्यों से, ज्ञात या अज्ञात भूल हो जाना स्वाभाविक है। आत्म शुद्धि… Continue Reading →

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