दूरियां इतनी तो नहीं कि तुम्हे भूल जाऊँ।
गम इतने तो नहीं कि हँसना भूल जाऊँ।।
अब नज़रे उठती नहीं तेरे कूचे से गुजरते हुए।
बेवफा इतना तो नहीं कि किसी और से प्यार कर पाऊँ।।

दूरियां इतनी तो नहीं कि तुम्हे भूल जाऊँ।
गम इतने तो नहीं कि हँसना भूल जाऊँ।।
अब नज़रे उठती नहीं तेरे कूचे से गुजरते हुए।
बेवफा इतना तो नहीं कि किसी और से प्यार कर पाऊँ।।