कल हो न हो, ये पल
वैसे तो यार – दोस्त काफी ईमेल एवं एस एम एस भेजते रहते हैं। कभी शेर-ओ-शायरी तो कभी जोक्स। सबके सब इनबाक्स मे आकर हजम हो जाते हैं। लेकिन अभी अभी एक मित्र ने ऐसा जानकारी भरा एस एम एस भेजा है कि आप लोगो के साथ बाटे बिना नही रहा जा रहा है।
आने वाली सात तारीख यानी, सात अगस्त’09 को दिन के बारह बजकर चौंतीस मिनट छ्प्पन सैकेंड को टाईम और तारीख के रूप मे लिखा जाय तो कुछ ऐसे लिखेगें 12:34:56, 07-08-09। अब अगर इसमे से ‘:’, ‘-’ एवं ’0′ हटा दिया जाये तो बचेगा 123456789।
एसा पल शायद फिर इस जन्म मे ना आये।
| Print article | This entry was posted by ajay on July 23, 2009 at 23:53, and is filed under heart says. Follow any responses to this post through RSS 2.0. You can leave a response or trackback from your own site. |

about 2 years ago
सच में! बताने को धन्यवाद!
about 2 years ago
ज्ञान जी, धन्यवाद की बात नही। हिंदी ब्लाग जगत की आप जैसी हस्ती मेरा पोस्ट ठेलन पढ रही है और अपनी टिप्पणी दे रही है, इससे बडी बात मेरे लिये कुछ नही। इसके लिये आपको साधुवाद।
about 2 years ago
ेi like your logical thought. actually i have fond of reading books& Aha Jindagi is my Favurate book.
about 2 years ago
ह्र प्ल य्हा जि ्भर जियो , जो हे स्मा क्ल हो न ््््हो्
about 2 years ago
क्ाल क्रे सो आज कर आज क्रे स्ो अब
्
about 1 year ago
samay samay ki baat samay par tika sansar yahi eska mool arth hai