एक मित्र है डा. ज्ञान पाठक, पेशे से पत्रकार और समझ से दार्शनिक एवं डा. की उपाधि चिकित्सक वाली नही वरन डाक्ट्रेट वाली है. अब इन तीनो चीजों (पत्रकारिता, डाक्ट्रेट और दर्शनशास्त्र) का संगम होगा तो सब कुछ अलग हट कर ही होगा. सो इनका दर्शन भी हट कर है.
अब पिछले हफ्ते मिले तो मै [...]
February 9th, 2010 | Posted in All from Mind | 2 Comments
एक जानकार हैं नवीन. तकनीकी ज्ञान में काफी आगे हैं, यह तो पता था. मोबाइल मंत्रा नाम की एक कंपनी के कर्ता-धर्ता हैं. आध्यात्मिकता के क्षेत्र में भी बडी उँची चीज है, लेकिन यह कुछ दिनों पहले ही पता चला. यह भी पता चला कि समय समय पर Life transformation workshop का आयोजन करते रहते [...]
February 6th, 2010 | Posted in heart says | 2 Comments
आज इंटरनेट से जुडा हर व्यक्ति किसी ना किसी रूप में गूगल की सेवायें लेता है, चाहे Gmail के रूप में या Google Search के रूप में या फिर Google Adsense के रूप में. यों तो Google का लगभग हर उत्पाद मुफ्त में प्रयोग के लिये उपलब्ध है लेकिन Adsense के रूप में किसी भी [...]
January 9th, 2010 | Posted in All from Mind | No Comments
छोटा सा यह संसार, गलती हो जाती है कई बार ।
कर लो स्वीकार, करते हैं क्षमा याचना बार-बार॥
जान कर या अनजाने मे, मन से, वचन से या कार्यों से, ज्ञात या अज्ञात भूल हो जाना स्वाभाविक है। आत्म शुद्धि के इस पावन पर्व क्षमावाणी दिवस पर आप सभी से विनयपूर्वक क्षमा याचना करता हूँ ।
September 5th, 2009 | Posted in All from Mind, heart says | 4 Comments
वैसे तो यार – दोस्त काफी ईमेल एवं एस एम एस भेजते रहते हैं। कभी शेर-ओ-शायरी तो कभी जोक्स। सबके सब इनबाक्स मे आकर हजम हो जाते हैं। लेकिन अभी अभी एक मित्र ने ऐसा जानकारी भरा एस एम एस भेजा है कि आप लोगो के साथ बाटे बिना नही रहा जा रहा है।
आने वाली [...]
July 23rd, 2009 | Posted in heart says | 5 Comments
हाल ही मे दिल्ली पुलिस द्वारा जनहित मे जारी एक विज्ञापन एक अखबार में देखा। मै ज्यादा कुछ नही बोलुंगा। आप भी पढे क्या लिखा था इस विज्ञापन मे:
अक्षरों और अंकों को मिलाकर एक ऐसा पासवर्ड बनाएं जिसका अंदाजा लगाना असंभव हो तथा किसी अन्य को ना बताएं। पासवर्ड को नियमित रूप से बदलते रहें। [...]
June 11th, 2009 | Posted in All from Mind | 3 Comments
वोट करो, भारत बदलो। उंगली उठा, वोट कर। जागो, भारत जागो। इस तरह के ना जाने कितने नारे आज अखबार और टीवी चैनलो के माध्यम से हमारे दिलो-दिमाग पर छा रहे है।
कुल पाँच चरणों मे होने वाले आम चुनावो के दो चरण पुरे हो चुके है। हरेक की अपनी पसंद – नापसंद है कि किसको [...]
April 26th, 2009 | Posted in heart says | 1 Comment